रामानुजनगर/मांजा।

रामानुजनगर–मांजा–परशुरापुर एवं राजापुर मार्ग पर लोक निर्माण विभाग (PWD) सूरजपुर द्वारा कराए जा रहे सड़क व नाली निर्माण में भ्रष्टाचार अब सबूतों के साथ सामने आ चुका है। करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से बन रही सड़कों की हालत यह है कि निर्माण के एक सप्ताह के भीतर ही सच्चाई उखड़कर बाहर आ गई।
सुभाष चौक स्थित सीसी रोड बने अभी सात दिन भी पूरे नहीं हुए थे कि सड़क उखड़ गई। जगह-जगह कंक्रीट टूट चुका है और बने हुए गड्ढों में पानी जमा हो रहा है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। यह स्थिति PWD की गुणवत्ता जांच और निगरानी पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।
ग्रामीणों का आरोप है कि PWD की मौजूदगी में M-30/M-40 ग्रेड की जगह कमजोर कंक्रीट, कम सीमेंट और बिना तराई सड़क डाली गई। सड़क के उखड़ते ही घटिया निर्माण छुपाने के लिए डामर का लेप किया जा रहा है, ता

कि कागजों में सड़क “मजबूत” दिखाई दे।
नाली निर्माण में भी PWD की तकनीकी विफलता साफ नजर आ रही है। बिना लेवल और गलत दिशा में नालियां बनाईं गईं, जिससे वे ऊंचाई में फेल हो गईं। परिणामस्वरूप घरों के पास गंदा और बदबूदार पानी जमा हो रहा है, जो बीमारी को खुला न्योता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सिर्फ ठेकेदार की नहीं, बल्कि PWD सूरजपुर के जिम्मेदार अधिकारियों की सीधी मिलीभगत का मामला है।
👉 जब सड़क 7 दिन भी नहीं टिक पा रही, तो 50 करोड़ का हिसाब कौन देगा?
👉 क्या बिना जांच के बिल पास किए गए?
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि तत्काल उच्चस्तरीय जांच, तकनीकी ऑडिट और दोषी PWD अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे PWD कार्यालय का घेराव और बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।






















































