पत्रकार के परिवार पर दबंगों ने किया जानलेवा हमला, सबूत मिटाने के लिए मोबाइल किया फॉर्मेट
सूरजपुर – जिले के खड़गवां कला में एक पत्रकार के परिवार पर दबंगों द्वारा घर में घुसकर बर्बरता पूर्वक मारपीट करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपियों ने न केवल मारपीट की, बल्कि अपराध के साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से पीड़िता का मोबाइल छीनकर उसे रिसेट कर दिया। इस घटना को लेकर छ ग श्रमजीवी पत्रकार कल्याण संघ ने घटना का निंदा करते हुए पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
विवाद की शुरुआत और पुलिस की अनदेखी
शिकायती पत्र के अनुसार, मामला जमीन संबंधी विवाद से जुड़ा है:
20 फरवरी की शाम- आरोपियों ने पीड़िता श्रीमती तारा चक्रधारी पति वीरेंद्र चक्रधारी के घर के बाहर गाली-गलौज और धमकी दी। इसकी सूचना तत्काल खड़गवां चौकी में दी गई, लेकिन पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
21 फरवरी की सुबह- कार्रवाई न होने से हौसला बुलंद आरोपियों ने सुबह लगभग 10 बजे लाठी-डंडों के साथ घर में घुसकर हमला कर दिया।
बर्बरता की हदें पार, साक्ष्य मिटाने का प्रयास
हमले के दौरान आरोपियों ने मानवीय संवेदनाओं को ताक पर रख दिया:
निर्मम पिटाई- तारा चक्रधारी को बेरहमी से पीटा गया, जिससे उनके हाथ और जांघ में गंभीर चोटें आईं। हमलावरों ने उनके बाल पकड़कर जमीन पर पटका और कपड़े फाड़ दिए।
बीच-बचाव पर हमला- जब उनके पति वीरेंद्र कुमार चक्रधारी जो पेशे से पत्रकार और संगठन के प्रतापपुर ब्लॉक अध्यक्ष हैं बचाने आए, तो उनके साथ भी मारपीट की गई।
सबूतों को किया नष्ट- घटना का वीडियो मोबाइल में रिकॉर्ड हो रहा था, जिसे भांपते हुए आरोपियों ने मोबाइल छीन लिया और उसे रिसेट कर दिया ताकि साक्ष्य नष्ट हो जाएं।
पत्रकार संगठन ने खोला मोर्चा
छ ग श्रमजीवी पत्रकार कल्याण संघ के जिला और प्रदेश पदाधिकारियों ने इस कृत्य की घोर निंदा की है। संघ के पदाधिकारियों— डॉ. अजय चकधारी अध्यक्ष सरगुजा संभाग, नन्दलाल यादव उपाध्यक्ष सरगुजा संभाग, प्रदीप कुमार साहू जिलाध्यक्ष सूरजपुर, पुनेश्वर सिंह जिला महासचिव, नीरज सिंह कार्यकारी जिला अध्यक्ष, राजेंद्र पासवान जिला प्रवक्ता, प्रवीण कुमार साहू ब्लॉक अध्यक्ष भैयाथान, अनील साहू, दीपेश कुशवाहा ब्लॉक उपाध्यक्ष सूरजपुर और वीरेंद्र चक्रधारी ब्लॉक अध्यक्ष प्रतापपुर
ने एसपी से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए, क्योंकि पत्रकार का परिवार वर्तमान में अत्यंत भयभीत है।




















































