क्षेत्रीय महाप्रबंधक ने दूरदर्शन न्यूज़ पर बताया केनापारा इको – पार्क को प्रेरणादायक
पूजा साहू बनीं ” बोटिंग वाली दीदी

सूरजपुर – कोयलांचल बिश्रामपुर क्षेत्र के गौरव में एक और नया अध्याय उस समय जुड़ गया जब बीते 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर केनापरा पर्यटन स्थल की रिपोर्टिंग के लिए डी डी न्यूज की टीम पहुंची l
केनापारा स्थानीय पर्यटकों की पहली पसंद
गौरतलब है कि बंद पड़े खदानों को क्लोजर माइनिंग फंड केनापरा पर्यटन स्थल को विकसित किया गया है l जहां बोटिंग, टूरिस्ट कॉटेज, राइडिंग , इको पार्क – पार्क आदि सुविधाएं पर्यटकों को खूब आकर्षित करती हैं l
क्षेत्रीय महाप्रबंधक डॉ संजय कुमार सिंह ने डीडी न्यूज को बताया केनापारा इको – पार्क की सफलता का राज
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर, एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र के क्षेत्रीय महाप्रबंधक, डॉ. संजय कुमार सिंह ने बीते 8 मार्च को डीडी न्यूज़ पर एक साक्षात्कार में केनापारा इको-पार्क की प्रेरणादायक सफलता की कहानी को उजागर किया l
अपने साक्षात्कार में उन्होंने बताया कि बंद हो चुके बिश्रामपुर ओसीएम की पुनः प्राप्त भूमि पर विकसित, केनापारा इको-पार्क सतत खनन पुनर्स्थापन और सामुदायिक विकास का एक आदर्श उदाहरण है।
यह पार्क पूरी तरह से एक स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) द्वारा प्रबंधित और संचालित है, जो आसपास के गांवों की महिलाओं के लिए आजीविका के अवसर पैदा करता है एवं उन्हें सशक्त बनाता है।
महिला सशक्तिकरण का द्योतक बना केनापारा इको – पार्क
बता दें कि यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण के प्रति बिश्रामपुर क्षेत्र की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसने एक पूर्व खनन स्थल को स्थिरता और सामुदायिक प्रगति के प्रतीक में बदल दिया है। एक तरह से देखा जाए तो यह पर्यटन स्थल महिला सशक्तिकरण का द्योतक है जो महिलाओं के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है l
गृहणी से लेकर ” बोटिंग वाली दीदी ” तक का सफर तय करने वाली श्रीमती पूजा साहू बनीं प्रेरणाश्रोत
एक साधारण गृहणी से लेकर बोटिंग वाली दीदी तक का सफर तय करने वाली पूजा साहू आज किसी परिचय का मोहताज नहीं है l इनकी दृढ़ इच्छाशक्ति और जीवन में अपनी पहचान बनाने की सोच से पूजा साहू ने जो मुकाम हासिल किया है वह वास्तव में कबीले तारीफ है l
तीस वर्षीय उत्साही महिला श्रीमती पूजा साहू ने बताया कि -अब मुझे मेरे पति के नाम से नहीं बल्कि बोटिंग वाली दीदी के नाम से जानते हैं l ये पहचान मेरे हौसले को दुगुना कर देता है l
खास बात यह कि श्रीमती पूजा साहू छत्तीसगढ़ राज्य के सूरजपुर जिला स्थित कोयलांचल बिश्रामपुर क्षेत्र अन्तर्गत एक पर्यावरण -पर्यटन पार्क में मोटर वोट चलाकर अपनी जीविका चलाती हैं जिसे कि एसईसीएल ने पुनर्स्थापित ,परित्यक्त कोयला खदान से एक सम्पन्न साहसिक केंद्र के रूप में बदल दिया l
केनापारा इको पार्क की खासियत
केनापारा इको – पार्क सतत खनन पुनर्स्थापन और सामुदायिक विकास एक आदर्श उदाहरण है l यह पार्क पूरी तरह से एक स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) द्वारा प्रबंधित और संचालित है जो आसपास के गांव की महिलाओं के आजीविका के अवसर प्रदान करता है तथा उन्हें सशक्त बनाता है l





















































