वृद्धा आश्रम का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा

सूरजपुर/कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने समाज कल्याण विभाग से मान्यता प्राप्त एवं अनुदानित संस्था शबरी सेवा संस्थान द्वारा संचालित वृद्धाश्रम, सूरजपुर का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने वृद्धाश्रम में उपलब्ध आवासीय, स्वास्थ्य, भोजन एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का अवलोकन कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिला मुख्यालय स्थित 25 सीटर वृद्धाश्रम में वर्तमान में 15 बुजुर्ग निवासरत हैं। कलेक्टर ने उनके बीच बैठकर आत्मीय बातचीत की और उनकी दिनचर्या, स्वास्थ्य, भोजन की गुणवत्ता तथा रहन-सहन के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान बुजुर्गों ने भी सहजता से अपने अनुभव और आवश्यकताएं साझा की।
कलेक्टर श्रीमती जमील ने वृद्धजनों से संवाद के दौरान उनकी छोटी-छोटी जरूरतों और खुशियों के प्रति भी संवेदनशीलता दिखाई दी। उन्होंने स्नेहपूर्वक बुजुर्गों से पूछा कि उन्हें कौन-से खेल पसंद हैं, वे क्या खेलना चाहते हैं और किन गतिविधियों में शामिल होकर उन्हें खुशी मिलेगी। उन्होंने यह भी जाना कि उन्हें किन-किन चीजों की आवश्यकता है और वृद्धाश्रम में उनके दैनिक जीवन को अधिक सुविधाजनक एवं आनंददायक बनाने के लिए क्या किया जा सकता है।

कलेक्टर ने उनकी बातों को ध्यानपूर्वक सुना तथा संस्था प्रबंधन को बुजुर्गों की रुचियों और आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। इस अवसर पर उन्होंने वृद्धजनों को स्नेहपूर्वक सामग्री भी वितरित की। कलेक्टर ने कहा कि वृद्धजन हमारे समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव, जीवन-मूल्य और आशीर्वाद हमारी सबसे बड़ी पूंजी हैं। उन्हें आवास, भोजन और चिकित्सा सुविधाओं के साथ अपनापन, सम्मान और परिवार जैसा स्नेहपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना भी आवश्यक है। जिला प्रशासन इसी संवेदनशील सोच के साथ वृद्धजनों के जीवन को सुखद, सम्मानजनक और आनंदमय बनाने के लिए प्रयासरत है।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने संस्था प्रबंधन को वृद्धाश्रम की व्यवस्थाएं निरंतर बेहतर बनाए रखने तथा बुजुर्गों की दैनिक और भावनात्मक आवश्यकताओं का ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने वृद्धजनों की रुचि के अनुरूप खेल एवं मनोरंजक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने पर भी बल दिया।इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री विजेंद्र सिंह पाटले, समाज कल्याण विभाग अधिकारी श्री आलोक भुवाल सहित अन्य उपस्थित रहे।

सेवा संकल्प अभियान के तहत वृद्धजनों की देखभाल में सेवा के साथ संवेदना और अपनत्व को भी प्राथमिकता दी जा रही है।जिला प्रशासन वृद्धजनों को बेहतर सुविधाओं के साथ सम्मान और परिवार जैसा स्नेहपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।




















































