बच्चों को अपने माता-पिता तथा गुरूजनो के बताए मार्ग पर चलने, प्रतिदिन विद्यालय पढ़ने आने, पढ़ी गई विषय वस्तु को शाम के समय बैठकर पढ़ने हेतु प्रेरित किया

बिश्रामपुर-क्षेत्र के प्रथम बस्तामुख्य विद्यालय शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला रुनियाडीह का निरीक्षण जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार सिन्हा द्वारा किया गया। संस्था प्रमुख सीमांचल त्रिपाठी द्वारा बताया गया कि जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा बस्तामुक्त विद्यालय की अध्ययन शैली की जानकारी ली गई। आपने संस्था के बच्चों का भाषाई दक्षता, गणितीय संक्रियाओं सहित पहाडा, ककहरा व पुस्तक पठन-पाठन की जानकारी ली गई। संस्था प्रमुख द्वारा संभाग स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में बच्चों के भाग लेने एवं राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में संभाग का नेतृत्व करने की बात बताई।अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा उपस्थित बच्चों को अपने माता-पिता तथा गुरूजनो के बताए मार्ग पर चलने, प्रतिदिन विद्यालय पढ़ने आने, पढ़ी गई विषय वस्तु को शाम के समय बैठकर पढ़ने हेतु प्रेरित किया गया। आपने उपस्थित बच्चों को सतत रूप से पठन-पाठन से जुड़े रहने हेतु कहा गया। आपने संस्था के अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्था, आंतरिक एवं बाह्य साज-सज्जा, विद्यालय की प्रिंट रिच व्यवस्था, किचन गार्डन, केलाबाड़ी, सक्रिय बाल कैबिनेट, इको एवं यूथ क्लब इत्यादि का निरीक्षण कर प्रशंसा की गई तथा इसे अन्य विद्यालयों हेतु अनुकरणीय बताया। आगामी दिनों में विकासखंड के अन्य संकुलों की बैठक यहां लेकर स्कूलों की शैक्षिक सुधार हेतु प्रेरित करने की बात कही गई। इस दौरान सहायक संचालक शिक्षा अजय सिंह, खंड स्त्रोत समन्वयक मनोज कुमार मंडल, संकुल समन्वयक विजेंद्रलाल जायसवाल, एसएमसी अध्यक्ष श्रीमती कौशिल्या राजवाड़े, पूर्व अध्यक्ष श्रीमती एनवति राजवाड़े, संस्था के शिक्षक रिजवान अंसारी, श्रीमती एम. टोप्पो, मध्याह्न भोजन सहायिका श्रीमती सुमित्रा राजवाड़े तथा नान दईया सहित घरपति सिंह उपस्थित रहे। आज विद्यालय में दर्ज 82 बच्चों की तुलना में 74 बच्चे उपस्थित रहे। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा वीरगाथा 6.0 के निबंध प्रतियोगिता में क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त क्रमशः शुभम विश्वकर्मा, वंदना राजवाड़े तथा सानिया यादव, भाषण में पायल राजवाड़े प्रथम, वर्षा राजवाड़े द्वितीय तथा सुनीता सिंह तृतीय, चित्रकला में प्रथम शांति सिंह, द्वितीय विनीता राजवाड़े, तृतीय दिविका विश्वकर्मा, स्वच्छता एवं पर्यावरण आधारित चित्रकारी में प्रथम शांति सिंह, द्वितीय दिवीका विश्वकर्मा तथा तृतीय कविता सिंह रहे, जिन्हें कॉपी-पेन देकर सम्मानित किया गया। अतिथियों द्वारा नेवता भोज में चावल, पुड़ी, मटर पनीर की सब्जी, अंडा करी, लाल भाजी, करेला की भुजिया, अचार सलाद, पापड़, रसगुल्ला मीठा एवं दाल का आनंद बच्चों संग लिया गया। आज का नेवता भोज श्रीमती मानमती जायसवाल आरती स्व सहायता समूह की सक्रिय सदस्य द्वारा अपनी बेटी खुशबू जायसवाल एवं दामाद चंद्रप्रकाश जायसवाल के प्रथम पुत्री रत्न प्राप्ति पर दिया गया। कार्यक्रम का समापन एक पेड़ मां के नाम अंतर्गत आम का पौधा रोपण कर किया गया तथा बच्चों को वृक्षारोपण करने तथा उनका संरक्षण एवं संवर्धन करने की सलाह दी गई।





















































