
बिश्रामपुर-सूरजपुर के कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के निर्देश पर प्रथम बस्तामुक्त विद्यालय शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला रुनियाडीह में बाल विवाह मुक्त सूरजपुर अभियान अंतर्गत वात्सल्य मिशन के तहत उपस्थित बच्चों को बाल विवाह से होने वाली परेशानी को जिला बाल संरक्षण इकाई से जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल द्वारा विस्तार से बताया गया। आपने विवाह हेतु बालिकाओं की उम्र 18 वर्ष तथा बालकों की उम्र 21 वर्ष बताते हुए परिपक्वता आयु में ही विवाह करने की सलाह दी गई। गुड टच बेड टच नाम को बदल कर सेफ टच-अनसेफ टच का नाम दिया गया है, बताया गया। अनसेफ टच की स्थिति में नो, गो, टॉक एवं एफ आई आर शब्द को बताते हुए इसके अर्थ को समझाया गया ताकि बच्चियों सहित छोटी उम्र के बच्चे भी अनसेफ टच को समझ सके और अपने से बड़ों को समस्या बताकर निदान प्राप्त कर सके और किसी भी गंभीर एवं बड़ी समस्या के आने से पूर्व सतर्क हो सके। इस दौरान आपने 1098 पर संस्था की प्रधानमंत्री पायल राजवाड़े के माध्यम से कॉल करके समस्या कैसे बताई जाती है, उसके बारे में प्रदर्शन भी उपस्थित बच्चों के सम्मुख कराया गया। आपने चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, 112 तथा 181 नंबरों के बारे में बताया। इस दौरान विनीता सिंह केंद्र प्रशासक सखी सेंटर, चाइल्ड हेल्पलाइन से जनार्दन यादव काउंसलर, दिनेश यादव सुपरवाइजर, जिला बाल संरक्षण इकाई से आरती राजवाड़े आउट रीच वर्कर सहित संस्था के प्रधान पाठक सीमांचल त्रिपाठी, जनशिक्षक विजेंद्र लाल जायसवाल, रिजवान अंसारी, श्रीमती मानमती जायसवाल सदस्य आरती स्व सहायता समूह, मध्यान्ह भोजन सहायिका सुमित्रा सिंह एवं नान दईया सहित सभी बच्चे उपस्थित रहे। कार्यक्रम समापन में बाल विवाह मुक्त समाज निर्माण में सहयोग करने हेतु उपस्थित बच्चों को शपथ दिलाई गई।





















































