दोषी वाहन चालक और अवैध गतिविधि में लिप्त ट्रैक्टर मालिक पर दर्ज हो कठोर मामला: लक्ष्मी राजवाड़े
आगजनी करने वाले ग्रामीण तो तुरंत दिख गए, लेकिन गिट्टी लोड ट्रैक्टर व प्लांट वैध था या अवैध, इसकी सुध तक नहीं ली?” – मंत्री ने पुलिस की दोहरी नीति पर उठाए तीखे सवाल
पुलिस और ग्रामीणों को आमने-सामने बैठाकर की सीधी बात; एकतरफा कार्रवाई पर जताई सख्त नाराजगी
दोपहर 12 बजे हादसा हुआ, शाम 6–7 बजे तक प्रशासन क्या कर रहा था?” – प्रशासनिक विफलता पर लगाई क्लास
बिना ठोस सबूत जेल भेजे गए निर्दोष ग्रामीणों को तत्काल रिहा करने और कस्टडी में मारपीट न करने की सख्त हिदायत
सूरजपुर / कुबेरपुर:
चांदनी बिहारपुर क्षेत्र के ग्राम कुबेरपुर में तेज रफ्तार गिट्टी लोड ट्रैक्टर की चपेट में आने से महिला श्रीमती चंद्रावती जायसवाल के असामयिक निधन और उसके बाद उपजे तनाव की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक एवं छत्तीसगढ़ शासन की कैबिनेट मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े आज सुबह सीधे कुबेरपुर पहुँचीं। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से भेंट कर अपनी गहरी शोक-संवेदना व्यक्त की और परिवार को ढांढस बंधाते हुए हरसंभव न्याय व मदद का भरोसा दिलाया।
पीड़ित परिवार को सांत्वना, दोषी चालक पर कड़ी कार्रवाई की मांग
श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने परिजनों से मुलाकात कर कहा कि क्षेत्र की एक महिला की इस प्रकार सड़क हादसे में असमय मृत्यु अत्यंत हृदयविदारक और असहनीय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि घटना के लिए जिम्मेदार ट्रैक्टर चालक पर कड़ी से कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पुलिस व ग्रामीणों को आमने-सामने बैठाया, एकतरफा कार्रवाई पर भड़कीं मंत्री
कुबेरपुर में मंत्री महोदया ने पुलिस अधिकारियों और स्थानीय ग्रामीणों को एक साथ आमने-सामने बैठाकर पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की। इस दौरान ग्रामीणों ने पुलिस द्वारा निर्दोष लोगों को पकड़ने, घरों से उठाने और एकतरफा कार्रवाई की शिकायत दर्ज कराई।
ग्रामीणों की बात सुनकर मंत्री महोदया ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर तीखी नाराजगी जताई और अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।
अवैध परिवहन व मालिक पर कार्रवाई न होने पर पुलिस को घेरा

ग्रामीणों ने मंत्री जी को अवगत कराया कि गिट्टी लोड कर तेज रफ्तार से भाग रहा ट्रैक्टर क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित हो रहा था, इसके बावजूद पुलिस ने ट्रैक्टर मालिक और अवैध परिवहन को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इस पर मंत्री महोदया ने पुलिस अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए तीखा सवाल दागा:
“आप लोगों को आक्रोश में आए निर्दोष ग्रामीण तो तुरंत दिख गए कि उन्होंने आगजनी की, लेकिन जिस ट्रैक्टर और क्रशर की वजह से महिला की जान गई, वह वैध था या अवैध—यह अब तक आप लोगों को पता नहीं चला? ट्रैक्टर मालिक के खिलाफ अवैध गतिविधि का मामला क्यों नहीं दर्ज किया गया?” उन्होंने पुलिस की इस दोहरी नीति और पक्षपातपूर्ण रवैये पर भारी नाराजगी जताई।
5–6 घंटे तक क्या कर रहा था प्रशासन? प्रशासनिक विफलता पर लगाई क्लास
कैबिनेट मंत्री ने मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से सीधा सवाल किया कि—
“हादसा दोपहर 12 बजे हुआ था, जबकि आक्रोश और आगजनी की घटना शाम 6 से 7 बजे के आसपास हुई। इस बीच के 5 से 6 घंटों में पुलिस-प्रशासन क्या कर रहा था? समय रहते स्थिति को संवाद के जरिए नियंत्रित क्यों नहीं किया गया?” मंत्री ने दो-टूक कहा कि यह पूरी तरह से प्रशासनिक विफलता और घोर लापरवाही है, जिसे समय रहते टाला जा सकता था।
अधिकारियों को दो-टूक कड़े निर्देश:
मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को कड़े शब्दों में निर्देशित किया कि:
अवैध संचालन और मालिक पर कार्रवाई: गिट्टी लोड ट्रैक्टर के दस्तावेज, क्रशर संचालन और अवैध परिवहन की गहन जांच हो तथा ट्रैक्टर मालिक के खिलाफ विधि सम्मत कड़ी कार्रवाई की जाए।
निर्दोषों को तत्काल छोड़ा जाए: जिन ग्रामीणों के खिलाफ उपद्रव या आगजनी का कोई पुख्ता साक्ष्य/सबूत नहीं है, उन्हें बिना आधार जेल न भेजा जाए और हिरासत में लिए गए निर्दोष व्यक्तियों को तत्काल रिहा किया जाए।
कस्टडी में मारपीट बिल्कुल बर्दाश्त नहीं: पुलिस हिरासत में किसी भी ग्रामीण के साथ किसी भी प्रकार की मारपीट या अमानवीय व्यवहार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आम जनता का उत्पीड़न बंद हो: अपनी नाकामी छिपाने के लिए पूरे गांव में भय का माहौल बनाना और निर्दोषों पर एकतरफा कार्रवाई करना तुरंत बंद किया जाए।
जनता के अधिकारों के साथ कोई समझौता नहीं*
कैबिनेट मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा, “क्षेत्र की जनता मेरा परिवार है। अपने लोगों के साथ किसी भी सूरत में अन्याय नहीं होने दूंगी। जब तक हर निर्दोष ग्रामीण को न्याय नहीं मिल जाता, मैं ग्रामीणों के साथ मजबूती से खड़ी रहूंगी।”





















































