24×7 स्वास्थ्य सेवा के दावे पर सवाल, ग्रामीणों ने किया अस्पताल का घेराव; चिकित्सा अधिकारी और स्टाफ नर्स निलंबित
सूरजपुर । जिले के गणेशपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। प्रसव पीड़ा से परेशान एक गर्भवती महिला को परिजन रात में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, लेकिन अस्पताल के मुख्य गेट पर ताला लगा मिला। इसी दौरान अस्पताल के बाहर ही महिला का प्रसव हो गया और नवजात की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
जानकारी के अनुसार पूजा सारथी को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे रात में गणेशपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल 24 घंटे संचालित होने के बावजूद मुख्य गेट पर ताला लगा था और मौके पर कोई स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं था। काफी प्रयास के बाद भी जब अस्पताल का गेट नहीं खुला तो महिला का प्रसव अस्पताल के बाहर ही हो गया। परिजनों के मुताबिक नवजात की हालत गंभीर थी और समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण उसकी मौत हो गई।
ग्रामीणों ने किया अस्पताल का घेराव

घटना की जानकारी सुबह क्षेत्र में फैलते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए घेराव किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यदि अस्पताल में समय पर डॉक्टर और नर्स मौजूद रहते तथा महिला को तत्काल चिकित्सा सुविधा मिलती तो शायद नवजात की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
मौके पर पहुंचे एसडीएम

ग्रामीणों के प्रदर्शन और बढ़ते आक्रोश की सूचना मिलने पर प्रेमनगर एसडीएम सुनील अग्रवाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा कर मामले में जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद स्थिति शांत हुई।
चिकित्सा अधिकारी और स्टाफ नर्स निलंबित
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने प्रथम दृष्टया लापरवाही के लिए गणेशपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी राजेश पटेल और स्टाफ नर्स प्रमिला गिरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए एसडीएम की अध्यक्षता में जांच टीम गठित की गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही गई है।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
गणेशपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को 24×7 स्वास्थ्य सेवा के तहत संचालित किया जाता है। ऐसे में रात के समय अस्पताल के मुख्य गेट पर ताला लगा मिलना और प्रसव पीड़िता को समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिलना स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि घटना के समय ड्यूटी पर कौन-कौन कर्मचारी तैनात थे और अस्पताल बंद रहने की वास्तविक वजह क्या थी।
इस घटना ने एक परिवार की खुशियां मातम में बदल दी हैं। वहीं, नवजात की मौत के बाद अब ग्रामीणों की नजर जांच रिपोर्ट और स्वास्थ्य विभाग की आगे की कार्रवाई पर टिकी है





















































