9,111 के लक्ष्य के विरुद्ध 9,130 बालिकाओं का टीकाकरण, पांच विकासखंडों ने निर्धारित लक्ष्य को किया पार

सीएमएचओ डॉ. प्रशांत कुमार सिंह ने जताई प्रसन्नता, अभिभावकों से पात्र बालिकाओं को टीका लगवाने की अपील
सूरजपुर। किशोरियों को गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर से बचाव के प्रति सुरक्षित करने की दिशा में सूरजपुर जिले ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। जिले में संचालित मानव पैपिलोमा विषाणु (एचपीवी) टीकाकरण अभियान के तहत निर्धारित लक्ष्य को पार करते हुए 100.21 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई है। राज्य स्तर से जिले को 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकी तथा 15 वर्ष की आयु पूर्ण नहीं करने वाली पात्र बालिकाओं के टीकाकरण के लिए 9,111 का लक्ष्य दिया गया था। इसके विरुद्ध अब तक 9,130 बालिकाओं का टीकाकरण किया जा चुका है, जो निर्धारित लक्ष्य से 19 अधिक है।
यू-विन पोर्टल की उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, जिले के सभी विकासखंडों में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, टीकाकरण दलों और जमीनी स्तर पर कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों के समन्वित प्रयासों से यह उपलब्धि हासिल हुई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभियान को लगातार जारी रखा जा रहा है, ताकि कोई भी पात्र बालिका टीकाकरण से वंचित न रहे।
पांच विकासखंडों ने लक्ष्य किया पार
विकासखंडवार उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, भैयाथान में 1,465 के लक्ष्य के विरुद्ध 1,469 बालिकाओं का टीकाकरण कर 100.27 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गई। ओड़गी में 1,173 के लक्ष्य के विरुद्ध 1,175 बालिकाओं का टीकाकरण हुआ, जो 100.17 प्रतिशत है। रामानुजनगर में 1,422 के लक्ष्य के विरुद्ध 1,430 बालिकाओं का टीकाकरण कर 100.56 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई।
इसी प्रकार सूरजपुर विकासखंड में 2,518 के लक्ष्य के विरुद्ध 2,523 बालिकाओं का टीकाकरण कर 100.20 प्रतिशत और प्रतापपुर में 1,736 के लक्ष्य के विरुद्ध 1,743 बालिकाओं का टीकाकरण कर 100.40 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त की गई। वहीं, प्रेमनगर विकासखंड में 797 के लक्ष्य के विरुद्ध 790 बालिकाओं का टीकाकरण हुआ है, जो 99.12 प्रतिशत है। इस प्रकार जिले के छह में से पांच विकासखंडों ने निर्धारित लक्ष्य को पार कर लिया है, जबकि प्रेमनगर लक्ष्य के बेहद करीब है।
गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर से बचाव में महत्वपूर्ण है एचपीवी टीका
गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर महिलाओं में होने वाले गंभीर कैंसर रोगों में से एक है। इसका प्रमुख कारण एचपीवी के कुछ उच्च जोखिम वाले प्रकारों का लगातार संक्रमण है। एचपीवी टीका शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को वायरस के प्रमुख प्रकारों के विरुद्ध सुरक्षा विकसित करने में मदद करता है और भविष्य में संबंधित संक्रमणों तथा उनसे होने वाले कैंसर के जोखिम को कम करता है।
अभियान के अंतर्गत प्रयुक्त चतुष्संयोजी गार्डासिल टीका एचपीवी के प्रकार 6, 11, 16 और 18 से सुरक्षा प्रदान करता है। इनमें 16 और 18 प्रमुख कैंसरकारी प्रकार हैं। किशोरावस्था में निर्धारित आयु के दौरान टीकाकरण कराना भविष्य में एचपीवी संक्रमण से बचाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, टीका सभी प्रकार के एचपीवी से सुरक्षा नहीं देता, इसलिए निर्धारित आयु पर आवश्यक कैंसर जांच का महत्व भी बना रहता है।
टीकाकरण के बाद सभी 9,130 बालिकाएं स्वस्थ
जिला स्तर पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अभियान के तहत अब तक टीका लगवा चुकीं 9,130 बालिकाएं स्वस्थ हैं तथा किसी गंभीर प्रतिकूल घटना की सूचना नहीं मिली है। टीकाकरण सत्रों में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है। साथ ही, टीकाकरण के बाद बालिकाओं के स्वास्थ्य की निगरानी और आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय प्रबंधन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
सीएमएचओ डॉ. प्रशांत कुमार सिंह ने जताई प्रसन्नता
जिले में एचपीवी टीकाकरण का निर्धारित लक्ष्य हासिल होने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत कुमार सिंह ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय अभियान में लगे स्वास्थ्य अधिकारियों, कर्मचारियों, टीकाकरण दलों और जमीनी स्तर पर कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों के समर्पित प्रयासों को दिया।
डॉ. सिंह ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी पात्र बालिकाओं को निर्धारित आयु में एचपीवी का टीका अवश्य लगवाएं। यह टीकाकरण भविष्य में गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के जोखिम को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। किसी भी प्रकार की भ्रांति या अनावश्यक भय के कारण बालिकाओं को इस सुरक्षा से वंचित न रखें। टीकाकरण से संबंधित सही जानकारी के लिए निकटतम शासकीय स्वास्थ्य संस्था से संपर्क करें।
31 दिसंबर 2026 तक जारी रहेगा अभियान
भारत सरकार द्वारा एचपीवी टीकाकरण अभियान की अवधि 31 दिसंबर 2026 तक विस्तारित किए जाने के क्रम में सूरजपुर जिले में भी पात्र बालिकाओं का टीकाकरण जारी रहेगा। पात्र बालिकाओं को शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में निःशुल्क टीका लगाया जा रहा है। अभिभावक टीकाकरण के लिए अपने नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल अथवा निर्धारित शासकीय स्वास्थ्य संस्था से संपर्क कर सकते हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि जिन पात्र बालिकाओं का अभी तक टीकाकरण नहीं हुआ है, उनके अभिभावक अभियान की विस्तारित अवधि का लाभ उठाएं और समय रहते टीकाकरण सुनिश्चित करें। बालिकाओं को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के प्रति जागरूक करना परिवार, समाज और स्वास्थ्य विभाग की सामूहिक जिम्मेदारी है।
मुख्य संदेश: पात्र बालिकाओं का समय पर एचपीवी टीकाकरण कराएं, सही जानकारी अपनाएं और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर की रोकथाम में सहभागी बनें।





















































