91.05 प्रतिशत अंक हासिल कर बढ़ाया सूरजपुर जिले का मान, जिले के 76 स्वास्थ्य केंद्रों को मिली सफलता
सूरजपुर। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। कलेक्टर श्रीमती रेना जमील एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह के मार्गदर्शन में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महंगई ने राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) के मूल्यांकन में 91.05 प्रतिशत अंक प्राप्त कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इस उपलब्धि से जिले का मान बढ़ा है और स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों को नई पहचान मिली है।
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर परखा जाता है संस्थानों का प्रदर्शन
राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (National Quality Assurance Standards—NQAS) के तहत स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता व्यवस्था, संक्रमण नियंत्रण, मरीजों की सुरक्षा, उपलब्ध संसाधनों और उपचार की गुणवत्ता का निर्धारित मानकों के अनुरूप मूल्यांकन किया जाता है। इस मूल्यांकन में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महंगई का बेहतर प्रदर्शन स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों को दर्शाता है।
जिले के 76 स्वास्थ्य केंद्र NQAS में सफल
सूरजपुर जिले के लिए यह गौरवपूर्ण उपलब्धि है कि कुल 76 स्वास्थ्य केंद्र राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) के अंतर्गत सफल हुए हैं। इनमें एक जिला अस्पताल, तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 26 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 46 उप स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। यह उपलब्धि जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे सामूहिक प्रयासों को रेखांकित करती है।
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग का लक्ष्य
कलेक्टर रेना जमील एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह के मार्गदर्शन में जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्ता सुधार, स्वच्छता, मरीजों की संतुष्टि और निर्धारित स्वास्थ्य मानकों के पालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों से स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।
इस सफलता से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों का उत्साह बढ़ा है। विभाग का लक्ष्य जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना है, ताकि आम नागरिकों को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार एवं आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।





















































