भटगांव/सूरजपुर। सूरजपुर जिले के भटगांव क्षेत्र में पशु चिकित्सा विभाग के उपचार पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। कुछ समय पूर्व एक छोटे बछड़े का सड़क हादसे में पिछला पैर टूट गया था। परिजनों और स्थानीय लोगों के अनुसार, उपचार के बाद बछड़े के पैर में संक्रमण बढ़ता गया और धीरे-धीरे पैर पूरी तरह सड़ गया।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि समय पर उचित उपचार नहीं मिलने के कारण बछड़े की स्थिति गंभीर हो गई। जब स्थानीय निवासियों ने पशु चिकित्सकों से बछड़े का उपचार करने का आग्रह किया तो कथित तौर पर चिकित्सकों ने उपचार करने में असमर्थता जताते हुए उसे सूरजपुर या अंबिकापुर ले जाने की सलाह दी।
इसके बाद स्थानीय लोगों ने सूरजपुर से गौसेवकों को बुलाया। गौसेवकों ने मौके पर पहुंचकर बछड़े की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसका सड़ा हुआ पैर काटकर आवश्यक उपचार किया। गौसेवकों के अनुसार, समय पर उपचार नहीं किया जाता तो संक्रमण और बढ़ सकता था।
इस दौरान पुष्पेंद्र अग्रहरी, अमन सोनी, रौनक सोनवानी और मुकेश साहू ने बछड़े के उपचार में सहयोग किया। स्थानीय लोगों ने पशु चिकित्सा विभाग से मामले की जांच कराने और पशुओं के उपचार में लापरवाही न बरतने की मांग की है।
हालांकि, पशु चिकित्सा विभाग की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विभाग का पक्ष सामने आने के बाद ही उपचार में लापरवाही के आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।





















































