सूरजपुर/भैयाथान।
सूरजपुर जिले के भैयाथान विकासखंड के ग्राम खुटरापारा में गोबरी नदी पर लगभग 15 लाख रुपये की लागत से निर्मित रपटा पुल पहली ही तेज बारिश और पानी के बहाव में बह गया। बताया जा रहा है कि पुल का निर्माण करीब 15 दिन पहले ही पूरा हुआ था। पुल बहने के बाद 12 से अधिक गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है, जिससे हजारों ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि निर्माण में भारी अनियमितताएं बरती गईं। उनका दावा है कि रपटे में लगाए गए अधिकांश ह्यूम पाइप पुराने और जर्जर थे। वहीं यह भी आरोप लगाया गया कि निरीक्षण के दौरान संबंधित उप अभियंता के पास स्वीकृत एस्टीमेट और तकनीकी ड्राइंग उपलब्ध नहीं थी। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग द्वारा अभी नहीं की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। पहले भी एप्रोच रोड की खराब स्थिति को लेकर लोगों ने चंदा जुटाकर सड़क की मरम्मत कराई थी। इसके बाद प्रशासन ने रपटा निर्माण कराया, लेकिन वह भी पहली बारिश में ही बह गया।
रपटा बहने से खुटरापारा, गंगौटी, डबरीपारा, बासापारा, शिवप्रसादनगर, केवरा, बस्कर सहित एक दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क प्रभावित हो गया है। इसका असर स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों और रोजमर्रा की आवाजाही पर पड़ रहा है।
घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराने, दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कारवाही की करने तथा सरकारी धन की मांग की है।
अब सभी की नजर प्रशासन और संबंधित विभाग की कार्रवाई पर है कि निर्माण में हुई कथित लापरवाही और अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं।




















































